सोंठ (एक बहुमूल्य असरकारी औषधि)


          

🌷 *बहूपयोगी औषधि – सोंठ* 🌷
👉🏻 जब अदरक सूख जाता है तब उसकी सोंठ बनती है | सोंठ पाचनतंत्र के लिए अत्यंत उपयोगी है | यह सारे शरीर के संगठन को सुधारती है, मनुष्य की जीवनशक्ति और रोगप्रतिरोधक शक्ति बढ़ाती है | यह आम, कफ व वात नाशक है | गठिया, दमा, खाँसी, कब्जियत, उल्टी, सूजन, ह्रदयरोग, पेट के रोग और वातरोगों को दूर करती है |*

💊 *औषधीय प्रयोग* 💊

*वातनाशक गोलियाँ : सोंठ के चूर्ण में समभाग गुड़ और थोडा – सा घी डाल के 2-2 ग्राम की गोलियाँ बना लें | 1-2 गोली सुबह लेने से वायु और वर्षाकालीन जुकाम से रक्षा होती है | बारिश में सतत भीगते – भीगते काम करनेवाले किसानों और खेती के काम में लगे मजदूरों के लिए यह अत्यंत लाभदायक है | इससे शारीरिक शक्ति व फूर्ती बनी रहती है |

सिरदर्द : सोंठ को पानी के साथ घिसलें | इसका लेप माथे पर करने से कफजन्य सिरदर्द में राहत मिलती है |
मन्दाग्नि : सोंठ का आधा चम्मच चूर्ण थोड़े – से गुड़ में मिलाकर कुछ दिन प्रात:काल लेने से जठराग्नि तेज हो जाती है और मन्दाग्नि दूर होती है |

कमर दर्द व गठिया : सोंठ को मोटा कूट लें | 1 चम्मच सोंठ 2 कप पानी में डाल के उबालें | जब आधा कप पानी बचे तो उतार के छान लें | इसमें 2 चम्मच अरंडी – तेल डाल के सुबह पियें | दर्द में राहत होने तक हफ्तें में 2-3 दिन यह प्रयोग करें |

🌷 *पुराना जुकाम* 🌷

😤 1) 5 ग्राम सोंठ 1 लीटर पानी में उबालें | दिन में 3 बार यह गुनगुना करके पीने से पुराने जुकाम में लाभ होता है |*

😤 2)  पीने के पानी में सोंठ का टुकड़ा डालकर वह पानी पीते रहने से पुराना जुकाम ठीक होता है |
( सोंठ के टुकड़े को प्रतिदिन बदलते रहें | )

😤 *सर्दी – जुकाम : 5 ग्राम सोंठ चूर्ण, 10 ग्राम गुड़ और 1 चम्मच घी को मिलालें | इसमें थोडा -सा पानी डाल के आग पर रख के रबड़ी जैसा बना लें | प्रतिदिन सुबह लेने से 3 दिन में ही सर्दी – जुकाम मिट जाता है |*
💥 *सावधानी – रक्तपित्त की व्याधि में तथा पित्त प्रकृतिवाले ग्रीष्म व शरद ऋतु में सोंठ का उपयोग न करें |*

🌷 *मस्तिष्क प्रदाह* 🌷
🍛 *जौ का आटा पानी में घोलकर मस्तक पर लेप करने से मस्तिष्क की पित्तजनित पीड़ा शांत होती है l*

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