ह्रदयघात (Heart Attack) से बचने का सरल उपाय
नमस्कार दोस्तो,आज मैं आपके लिये एक और बीमारी का इलाज लेकर आया हूँ।
जैसे कि आप सब जानते ही है कि जिस तरह से किसी भी मशीन को चलाने के लिये उसका इंजन का ठीक होना बहुत जरूरी होता है बिना सही इंजन के कोई भी मशीन ठीक ढंग से काम नही करती और कई बार तो काम करना ही बंद कर देती है ठीक उसी प्रकार से एक स्वस्थ्य मनुष्य के लिये उसका ह्रदय{Heart} का स्वस्थ होना भी बहुत जरूरी है।
बिना स्वस्थ ह्रदय के किसी भी इंसान का सही रह पाना मुश्किल ही नही नामुमकीन है।
तो आज हम जिस बीमारी के बारे मे बात करेंगे वो है
ह्रदयाघात{Heart Attack}
हमारे देश भारत मे 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे
उनका नाम था महाऋषि वागवट जी
उन्होने एक पुस्तक लिखी थी
जिसका नाम है अष्टांग हृदयम
(Astang hrudayam)
और इस पुस्तक मे उन्होने बीमारियो को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखे थे !
यह उनमे से ही एक सूत्र है !!
वागवट जी लिखते है कि जब कभी भी हृदय को घात होता है तो इसका मतलब दिल की नलियों मे blockage होना शुरू हो रहा है।
तो इसका मतलब है कि रक्त (Blood) मे अम्लता(Acidity) बढ़ी हुई है !
अम्लता दो तरह की होती है
1.पेट अम्लता(Stomach Acidity)
2.रक्त अम्लता(Blood Acidity)
जब भी आपके पेट मे अम्लता बढ़ जाती है
■ पेट मे जलन सी होने लगती है,
■ खट्टी खट्टी डकार आने लगती है,
■ मुंह से पानी निकलने लगता है,
■ बेचेनी सी होने लगती है,
■ अम्लता (Acidity) के बढ़ जाने पर Hyperacidity होने लगती है।
यही पेट की अम्लता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त मे आती है तो रक्त अम्लता(Blood Acidity) हG के डाल लो
(तुलसी बहुत ही क्षारीय है)
■ आप पुदीने के 7 से 10 पत्ते मिला सकते है।
(पुदीना भी बहुत ही क्षारीय है)
■ काला नमक या सेंधा नमक जरूर डाले !
ये भी बहुत क्षारीय है !!
लेकिन याद रखे नमक काला या सेंधा ही डाले ।
× आयोडीन युक्त नमक कभी न डाले ।
(आयोडीन युक्त नमक अम्लीय है)
तो मित्रों आप लौकी के जूस का सेवन जरूर करे यह बहुत ही आसानी मिलने वाली खाद्य सामग्री है।
यह खाने में बहुत ही हल्की और सुपाच्य होती है।
इसका सेवन आप कई तरीके से भी कर सकते है जैसे कि सब्जी या रायते के रूप मे।
2 से 3 महीने में आपकी सारी Heart की Blockage ठीक कर देगा।
कम से कम 21 दिन लगातार पीये इससे आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा।
आपको कोई आपरेशन की आपको जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
परहेज/ध्यान देने योग्य बातें
■ इसी के साथ साथ आप थोड़ा तली भुनी चीजो का परहेज भी जरूर करे।
■ पानी की मात्रा को बढ़ा दे। कम से कम 8 - 10 गिलास पानी का सेवन दिन में जरूर करे।
■ अपनी दिनचर्या में योग/मैडिटेशन/एक्सरसाइज को भी शामिल करें।
■ इसके अलावा काम से कम 2-4 किलोमीटर की सुबह को मॉर्निंग वॉक के लिये जरूर जाए।
(आप चाहे तो ये दूरी आप धीरे धीरे बढ़ा भी सकते है)
इससे आपकी बहुत सी और बीमारिया भी ठीक हो जायेगी जैसे कि साँस फूलना,गैस की प्रॉब्लम,थकान की प्रॉब्लम इत्यादि।
आपको यह जानकारी कैसी लगी अपना फीडबैक जरूर दे।
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